छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: मुठभेड़ में 14 नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: मुठभेड़ में 14 नक्सली ढेर
January 04, 2026 | Taza Khabar
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 14 नक्सली मारे गए। इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान 2026 की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
सुकमा नक्सल मुठभेड़: पामलूर के जंगलों में बड़ा ऑपरेशन
यह सुकमा नक्सल मुठभेड़ किस्टाराम थाना क्षेत्र के पामलूर के घने जंगलों में हुई।
डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) सुकमा की टीम ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर नक्सलियों के ठिकाने को घेरकर कार्रवाई की। मारे गए नक्सलियों में कोंटा एरिया कमेटी का सचिव सचिन मंगडू भी शामिल है, जो नक्सली संगठन का एक बड़ा नेता था।
एसपी किरण चव्हाण की निगरानी में चला ऑपरेशन
इस पूरे नक्सल विरोधी ऑपरेशन की निगरानी सुकमा एसपी किरण चव्हाण स्वयं कर रहे थे। मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी नक्सली की मौजूदगी पूरी तरह समाप्त की जा सके।
AK-47 और INSAS समेत भारी हथियार बरामद
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में ऑटोमैटिक हथियार और गोला-बारूद हाथ लगे हैं। बरामद हथियारों में शामिल हैं:
एक AK-47 राइफल
INSAS ऑटोमैटिक राइफल
एक बोल्ट-एक्शन राइफल
तीन मजल-लोडिंग बंदूकें
एक 12 बोर सिंगल बैरल राइफल
7.62 मिमी SLR के 150 जिंदा कारतूस
5.56 मिमी INSAS के 150 कारतूस
.303 राइफल के 100 कारतूस
यह बरामदगी दर्शाती है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे।
बीजापुर नक्सल मुठभेड़ में भी दो नक्सली ढेर
इससे पहले बीजापुर नक्सल मुठभेड़ में भी सुरक्षा बलों को सफलता मिली थी। बीजापुर डीआरजी की टीम ने जंगलों में तलाशी अभियान के दौरान दो नक्सलियों को मार गिराया।
सुरक्षाबलों की मौजूदगी भांपते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में दोनों नक्सली ढेर हो गए।
2025 में 285 नक्सली मारे गए: छत्तीसगढ़ पुलिस
छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार, साल 2025 में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 285 नक्सली मारे गए।
इनमें से:
257 नक्सली बस्तर मंडल के 7 जिलों (बीजापुर सहित)
27 नक्सली रायपुर मंडल के गरियाबंद जिले में मारे गए
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के सफाये के लक्ष्य के तहत चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
हाल ही में सीआरपीएफ की 159वीं बटालियन और सुकमा डीआरजी की जॉइंट टीम ने उर्संगल कैंप से निकलकर गोंडपल्ली गांव के पास स्थित एक नक्सल ठिकाने का पता लगाया था।
निष्कर्ष
लगातार मिल रही इन सफलताओं से यह साफ है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब कमजोर पड़ रहा है। सुरक्षा बलों की रणनीतिक कार्रवाई और मजबूत खुफिया तंत्र के कारण नक्सली नेटवर्क टूट रहा है। आने वाले समय में यह अभियान राज्य की सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित होगा। 🇮🇳🔥

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